Bhulekh, Land Record, Khasra, Khatoni in Hindi (भूलेख की जानकारी)

आजकल के इस सरकारी जमाने में अगर किसी भी चीज को सरकारी तौर से किया जाए तो ज्यादा अच्छा रहता है। अगर बात जमीन जैसे मामलों की हो तो आपको सिक्योरिटी तभी मिलेगी जब आपके पास उसके कागज होंगे अर्थात पूरी कागजी कार्यवाही अगर आपके साथ है तो आप पूरी तरह से सुरक्षित होते है। जमीन से जुड़ी हुई कागजी कार्यवाही के मामले में Bhulekh, Khasra और Khatoni के नाम चिरपरिचित है। आज के इस पोस्ट में है इन्ही के बारे में जानेंगे और साथ में यह भी पता करेंगे की ऑनलाइन भूलेख कैसे पता लगता है। So Let's Start?

What is Bhulekh in Hindi (भूलेख क्या है)

भूलेख का मतलब इसके नाम के जैसा ही है यानी की 'भूमि का लेख'। अगर सरल भाषा में भू लेख का मतलब समझाया जाए तो भूलेख जमीन के कागजों को कहते हैं। भूलेख को आप सब English में Landpaper के नाम से जानते है। यानी की भारत में Landpapers को भूलेख के नाम से जानते है। भूलेख को आपमे से कई लोग भू-अभिलेख के नाम से भी जानते होंगे। भूमि का ब्योरा और लेखा जोखा ही भूलेख कहलाता है
सरल भाषा में कुछ ऐसे कागजात जिनसे पता लग सके कि यह जमीन आपकी ही है अर्थात इस जमीन के मालिक आप ही हो। जिससे की आप आने वाले समय में किसी भी दुविधा से बच सको। भूलेख कई तरह के होते हैं। आजकल के अधिकतर भूलेख में टाइम भी निश्चित होता है जैसे कि अगर आप कोई फ्लैट खरीद रहे हैं तो उसका भी एक टाइम होता है जैसे कि 20 साल या 50 साल। वहीं दूसरी तरफ कुछ भूलेख आपके नाम हमेशा के लिए भी होते हैं जब तक आप उन्हें किसी और के नाम ना करो

Why Bhulekh Need (भूलेख क्यों आवश्यक है)

अगर कल को आप से कोई आकर कहे कि आप जिस घर में रह रहे हो वह घर यानी कि जमीन आप की नहीं है बल्कि उस व्यक्ति की है और अगर वह इस बात को लेकर न्यायालय (Court) में चल जाए और आप पर केस कर दे तो आप क्या करोगे? बस इसी बात से आपको पता चल गया होगा कि भूलेख यानी कि Land Papers क्यों आवश्यक है।
अगर आपके पास आपकी जमीन के कागज है तो आप किसी भी मुकदमे में यह साबित कर सकते हो कि यह जमीन आपकी ही है। अगर आप से किसी ने पैसे देकर जमीन खरीदी है तो आपको कांजी कार्यवाही करके जमीन उसके नाम करवानी होगी वरना वह जमीन आप की ही रहेगी। अगर आपको कोई बंदा घर बेच रहा है और कानूनी तौर पर कागजी कार्यवाही करके उसने जमीन आपके नाम नहीं की तो कानून की नज़रो जमीन उसकी ही रहेगी और वह कभी भी आप पर केस कर के आप से जमीन वापस ले सकता है।
यानी कि अगर आपके पास जमीन के कागजात नहीं है या जमीन कागजी कार्यवाही में आपके नाम नहीं है तो वह जमीन आप की नहीं होती है। जब तक आप किसी जमीन को खरीदते वक्त कागजी कार्यवाही पूरी नहीं करेंगे तब तक वह जमीन आपके नाम नहीं होगी। इसके अलावा भी अन्य कई कारण है जिससे भू लेख आवश्यक सिद्ध होता है जैसे कि सरकार से जुड़े ही किसी योजना का लाभ उठाने के लिए या फिर कोई डॉक्यूमेंट बनवाने के लिए भी आपके पास भूलेख (Landpapers) होना चाहिए। इसके अलावा बंटवारे के लिए भी भूलेख आवश्यक होते हैं।

भूलेख की जानकारी कैसे प्राप्त कर सकते है

साधारण तौर पर तो आप भूलेख की जानकारी अपने यहां के Land Officer के द्वारा प्राप्त कर सकते हो। लेकिन अगर आप के आस पास कोई लैंड ऑफिसर नहीं है तो आप इन्हें तहसीलदार पटवारी के पास से प्राप्त कर सकते हो। अगर आप लीगल तरीके से जानकारी प्राप्त करना चाहते हो तो आप वह भी कर सकते हो।
इसके अलावा आज के समय में आप ऑनलाइन भी अपने भूलेख या भू अभिलेख की जानकारी प्राप्त कर सकते हो। कुछ जगहों पर ऑनलाइन तरीका काम नहीं करेगा लेकिन मुख्यतः इस तरीके से अधिकतर लोग जानकारी प्राप्त करने में सक्षम हो जाते हैं। हम आपको आगे यह भी बताने वाले हैं कि आप ऑनलाइन अपना भूलेख कैसे डाउनलोड कर सकते हो। लेकिन पहले खसरा और खतौनी के बारे में भी जान लेते है।

What is Khasra in Hindi (खसरा क्या है)

खसरा एक तरह से भूलेख का हिस्सा होता है। फर्क सिर्फ इतना सा है कि भूलेख में सभी तरह की जमीने आती है चाहे वह किसी बिल्डिंग की जमीन हो या किसी घर की या किसी खेत की। लेकिन अगर बात खसरा की हो तो उसमें केवल खेत और उससे जुड़ी हुई जानकारियो का ही विवरण होता है। एक तरह से खसरा को आप भूलेख की किताब का हिस्सा कह सकते हो।
खसरा एक तरह का कानूनी दस्तावेज होता है जो केवल कृषि के लिए बनाया गया है। इस भारतीय दस्तावेज को आप कृषि भूलेख भी कह सकते हो। यह भूलेख से अधिक विस्तृत और जानकारी युक्त होता है। इसमें खेत के हकदार और मालिक का नाम तो होता ही है साथ में अन्य कई तरह की चीज़े भी कानूनी तौर पर नोट होती है।
इसमें खेत का माप, खेत से मिल रहा औसत रोजगार, किस तरह की फसल उगाई जाती है, कितनी तरह की फसल उगाई जाती है, खेत में किस तरह की मिट्टी है, किस समय पर खेत को काम लिया जाता है, खेत में अगर पेड़ है तो कौन से हैं आदि सभी की जानकारियां उपलब्ध होती है।
ऐसा नहीं है कि अगर खेत आप के नाम पर है तो खतौनी में केवल आप ही शामिल होंगे क्योंकि अगर आप खेत में किसी और से काम करवा रहे हैं तो उसका नाम भी खतौनी में शामिल होगा। खेत के हकदार और मालिक तो आप ही होंगे लेकिन जानकारी के लिए आपके खेत में काम करने वाले लोगों का विवरण भी खतौनी में होना आवश्यक है।

What is Khatoni in Hindi (खतौनी क्या है)

खतौनी भी एक तरह से भूलेख का ही भाग है जो कृषि पर आधारित होता है। खतौनी की बात की जाए तो इसके अंदर काफी सारे खसरा का विवरण होता है यानी कि एक साथ किसी व्यक्ति के एक से अधिक अर्थ होते हैं तो उन सब का विवरण इसके अंदर होता है। इसके अंदर खसरा की तरह पूरी जानकारी नहीं होती लेकिन उसका एक सार होता है जिसमें महत्वपूर्ण जानकारीया कवर की जाती है। खतौनी की जानकारी गांव या इलाके के सरकारी अफसर (Land Officer or Other Head Goverment Officer) के पास ही होती है।
खतौनी के अंदर कुछ अलग तरीके के साथ भी होते हैं जैसे कि जमीन किसी के पास गिरवी रखी हो तो उसका हिसाब भी देना पड़ता है। इसके अलावा सिंचाई किस माध्यम से की जाती है, कौन सी फसल मुख्यतः उगाई जाती है, खेत के लिए या खेती के लिए किसी से कितना उधार ले रखा है आदि की जानकारी भी खतौनी में होती है।

खतौनी और खसरा में क्या अंतर है

कई सारे लोगों को अक्सर खसरा और खतौनी के बीच में कंफ्यूजन महसूस होती है और कुछ लोग तो इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं लेकिन इन दोनों में काफी अंतर है, जो हम आपको स्पष्ट करने जा रहे हैं।खसरा एक मुख्य भूलेख होता है जिसका एक तरह का अद्वितीय नंबर भी होता है और इस नंबर पर ही सारी जानकारियां केंद्रित होती है। खसरा के अंतर्गत जमीन के मालिक की पूरी जानकारी और जमीन के क्षेत्रफल व जमीन की जानकारी रहती है। खसरा एक अलग तरह का डॉक्यूमेंट होता है जिसमें 12 कॉलम होते हैं और उन सभी कॉलम्स में अलग-अलग जानकारी भरी जाती है।
अब अगर खतौनी की बात की जाए तो इसमें किसी एक व्यक्ति के सभी खेतों और कृषि आधारित जमीनों का हिसाब होता है। खतौनी में सभी जमीनों का हिसाब तो होता है लेकिन वह खसरा जितना Explained नहीं होता। यह एक 23 कॉलम का डॉक्यूमेंट होता है जिनमें विभिन्न तरह की जानकारी भरी जाती है। तो अब आप समझ गए होंगे की खसरा और खतौनी में क्या अंतर है, अब आखिर में जानते है की किसी भी भूलेख की जानकारी कैसे हासिल करे!

किसी भी भूलेख की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कैसे करे

अगर आप भूलेख को डाउनलोड करना चाहते हो या उसकी जानकारी प्राप्त करना चाहते हो तो आप यह काम आसानी से इंटरनेट के माध्यम से भी कर सकते हैं। अधिकतर लोग इसके लिए मित्र के पास जाना चाहिए लेकिन आप इसे घर बैठे अपने स्मार्ट फोन के जरिए भी कर सकते हैं। इसके लिए मैं आपको कुछ Steps बता रहा हूं, जिन्हें फॉलो करके आप अपना Record प्राप्त कर सकते है :
1) सबसे पहले आप Google Chrome Browser Open करे (यह सबसे अच्छा ब्राउज़र रहेगा)
2) अब आप इसमें Google.com पर जाकर सर्च करना होगा 'Bhulekh ____' (ध्यान रखे खाली स्थान की जगह आपको अपने राज्य का नाम डालना है यानी की अगर आओ पंजाब से हो तो Bhulekh Punjab और राजस्थान से हो तो Bhulekh Rajasthan)
3) अब आपको पहला ही ऑप्शन मिल जाएगा जिसकी Website गवरमेंट में होगी और उसमे आपका राज्य का नाम भी होगा। इस पर क्लिक करे
4) अब आपको जनपद, तहशील और ग्राम चुनना है। इसमें ध्यान से सही जानकारी ही भरे। लिस्ट लम्बी होगी इसलिए आप बगल में दिख रहे हिंदी कीपैड का सहारा ले सकते है
5) अब आपको एक Blank Space में दिखाई देगा 'खसरा/गाटा' संख्या भरे। इसमें आपको अपना भूलेख नम्बर डालना है। इसके बाद आपको सामने दिए गए 'खोजे' के ऑप्शन पर क्लिक करना है
6) अब आपको नीचे आपकी खाता संख्या दिखाई देखी जिसे सिलेक्ट करके ऊपर दिए गए 'उद्धरण करे' के ऑप्शन पर क्लिक करे।
बस, अब आपकी भूलेख जानकारी आपके सामने है। इसे आप डाउनलोड भी कर सकते है। इसके अलावा आप भूलेख की जानकारी अपने Android फ़ोन में 'Bhulekh Land Records Online' App डाउनलोड करके भी कर सकते हो।
So Guys, उम्मीद है की आपको हमारा Bhulekh पर लिखा गया यह पोस्ट पसंद आया होगा। अगर अभी भी आपको कोई सवाल है तो आप कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर करना भी न भूले.

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